इराकी सांसद क़ुसई अब्बास अल-शिबकी ने देश में संप्रभुता, अर्थव्यवस्था और जनसेवाओं से जुड़े मामलों का समाधान करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की अनुवाद इकाई के अनुसार, इराकी संसद की पारदर्शिता समिति के सदस्य क़ुसई अब्बास अल-शिबकी ने देश में संप्रभुता, आर्थिक मामलों और जनसेवाओं से जुड़े मुद्दों का निपटारा करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय संप्रभुता एक और अविभाज्य है। इराक की धरती पर किसी भी विदेशी देश की मौजूदगी, चाहे वह तुर्की हो या अमेरिका, किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है और इसे पूरी तरह समाप्त किया जाना चाहिए।

अल-शिबकी ने विदेश मंत्रालय और संबंधित सुरक्षा एजेंसियों से आग्रह किया कि वे तुर्की सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया पर नजर रखें और सभी सैन्य ठिकानों तथा छावनियों को इराकी सेना को सौंपने की कार्रवाई पूरी करें। इनमें उत्तरी इराक स्थित ज़लीकान सैन्य छावनी प्रमुख है। उन्होंने कहा कि इन ठिकानों को औपचारिक रूप से सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर के अधीन इराकी बलों और सीमा सुरक्षा बलों को सौंपा जाना चाहिए।

आर्थिक मामलों पर बात करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि मौद्रिक और वित्तीय नीतियां निर्धारित करना सरकार तथा केंद्रीय बैंक की जिम्मेदारी है। सरकार द्वारा डॉलर की विनिमय दर बढ़ाने का सहारा लेना बजट में भारी घाटे का परिणाम है।

उन्होंने आगे कहा कि यदि सरकार विनिमय दर को स्थिर रखने की वास्तविक गारंटी देती है और उसे एक उचित सीमा में बनाए रखने का आश्वासन देती है, तो संसद समानांतर बाजार में चल रही विनिमय दर का कड़ा विरोध नहीं करेगी। हालांकि, यह सीमा अधिकतम 1 लाख 60 हजार इराकी दीनार से अधिक नहीं होनी चाहिए, ताकि सीमित आय वाले नागरिकों को नुकसान से बचाया जा सके।

जनसेवाओं और विकास के मुद्दों पर अल-शिबकी ने मोसुल हवाई अड्डे के मामले में जारी ठहराव और अब तक उसके शुरू न होने पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हवाई अड्डे की मरम्मत और पुनर्निर्माण का काम काफी समय पहले पूरा हो चुका है, फिर भी इसे अब तक चालू नहीं किया गया है।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री की ओर से हवाई अड्डे को जल्द शुरू करने के निर्देश जारी किए गए हैं। स्थानीय सरकार और प्रांतीय गवर्नर को अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ कंपनियों के साथ हवाई अड्डे के प्रबंधन के लिए समझौता करने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। उनके अनुसार, यह मामला अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है।

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